अप्रैल में बर्फबारी ने बरपाया कहर


 जिला शिमला में बुधवार को बारिश जारी रही। इस दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिली। वहीं निचले क्षेत्रों में औलावृष्टि के साथ बारिश हुई। उपमंडल कुमारसैन के हाटू पीक में जहां करीब डेढ़ फुट ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं नारकंडा में हल्की बर्फबारी हुई। इसके अलावा कचीन घाटी, आहर, छबिसी क्षेत्र सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में भारी ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। जंजेली, कोटीधाट, कांगल, सिहल पंचायत तथा कोटगढ़ क्षेत्र के जरोल और थानाधार में भी तेज ओलावृष्टि देखने को मिली, जिससे सेब की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस समय सेब के पौधे ‘पीक स्टेज’ पर हैं, लेकिन अचानक बढ़ी ठंड और ओलावृष्टि के कारण फूलों की वृद्धि रुक गई है।


जो फूल पहले ही निकल चुके थे, वे भी ओलों की मार से झड़ गए हैं। बागबानों के अनुसार बारिश से उत्पादन पर गहरा असर पड़ सकता है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। पूर्व बीडीसी चेयरमैन नारकंडा जीवन चौहान, समाजसेवी नरेश कुमार (शिवान) तथा व्यापार मंडल किंगल के प्रधान ने बताया कि क्षेत्र में हुई भारी ओलावृष्टि से किसानों को व्यापक नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित ॉक्षेत्रों का शीघ्र आकलन किया जाए और सरकार द्वारा उचित मुआवजा दिया जाए। बागबानों का कहना है कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली, तो इस वर्ष उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता।

अप्रैल में बर्फबारी ने बरपाया कहर अप्रैल में बर्फबारी ने बरपाया कहर Reviewed by SBR on April 09, 2026 Rating: 5

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