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हिमाचल में अवैध कब्जाधारी के चुनाव लड़ने पर रहेगी रोक

April 09, 2026


 हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में सरकारी भूमि, शामलात भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। साथ ही चिट्टा व हैराेइन तस्करी में चार्जशीटेड आरोपी पर भी चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध रहेगा। इस निर्णय का उद्देश्य पंचायतों में स्वच्छ, ईमानदार और निष्पक्ष छवि वाले प्रतिनिधियों का चयन सुनिश्चित करना है। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।


सरकार के निर्देशों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ सरकारी या सामुदायिक भूमि पर अवैध कब्जे की मिसल (राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज मामला) बनी हुई है तो वह व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाएगा। इतना ही नहीं, उसके परिवार का कोई सदस्य भी चुनावी मैदान में नहीं उतर सकेगा। आयोग का मानना है कि इस कदम से भूमि अतिक्रमण जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त लोगों को सार्वजनिक प्रतिनिधित्व से दूर रखा जा सकेगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में शामलात भूमि, जिसे जुमला मुश्तरका मालकान भूमि भी कहा जाता है, सामुदायिक उपयोग के लिए होती है। इस भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों को लंबे समय से गंभीर समस्या माना जाता रहा है। इससे पंचायतों में अवैध कब्जों को बढ़ावा नहीं मिलेगा।


इसके अलावा, चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ और अपराधमुक्त बनाने के लिए आयोग ने नशा तस्करी से जुड़े मामलों पर भी सख्ती दिखाई है। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ चिट्टा या हैरोइन जैसे मादक पदार्थों के मामलों में अदालत द्वारा चार्जशीट फ्रेम हो चुकी है तो वह भी पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होगा। इस प्रावधान का मकसद पंचायत स्तर पर अपराध और नशे के प्रभाव को समाप्त करना है।


विधानसभा में पारित हुआ है बिल

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में चिट्टा/हैरोइन तस्करी में चार्जशीट हुए व्यक्ति को पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने से रोकने को लेकर हाल ही में हुए बजट सत्र में बिल पारित हुआ है। अब इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह लागू हो जाएगा तथा आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में लागू हो जाएगा।

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बार-बार बदलते रोस्टर ने चढ़ाया सियासी पारा, चौथी बार हुआ बदलाव, चुनावी दंगल में कूदने वालों की धडक़न बेकाबू

April 09, 2026


 हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की घोषणा से पहले ही सियासी पारा अपने उफान पर है। मुद्दा है आरक्षण और रोस्टर का। प्रदेश में आरक्षण नियमों को लेकर मचे घमासान के बीच अब चौथी बार नया रोस्टर जारी किया गया है। सरकार के बार-बार बदलते फैसलों ने जहां भावी उम्मीदवारों की नींद उड़ा दी है, वहीं विपक्ष भी पंचायत चुनावों के सस्पेंस को लेकर हमलावर है। पंचायत इसकी शुरुआत तब हुई, जब सरकार ने घोषणा की कि इस बार आरक्षण पूरी तरह नए सिरे से तय होगा। इस खबर के आते ही भावी उम्मीदवारों ने अपनी गोटियां सेट करनी शुरू कर दीं, लेकिन यह उत्साह ज्यादा दिन नहीं टिका। सरकार जल्द ही अपने कदम पीछे खींचती नजर आई और नया फरमान जारी हुआ कि जो पंचायतें लगातार दो बार आरक्षित रही हैं, उन्हें इस बार सामान्य कर दिया जाएगा। विवाद तब और गरमाया जब तीसरे चरण में सरकार ने जिलाधिकारियों को पांच प्रतिशत तक आरक्षण तय करने की विशेष शक्तियां दे दीं।

इस फैसले को आनन-फानन में हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। अदालत ने सरकार के इस कदम पर ब्रेक लगा दिया, जिससे चुनावी तैयारियों पर असमंजस के बादल छा गए। अदालती दखल के बाद अब चौथी बार जारी रोस्टर में सरकार ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है। नए नियमों में फिर से दो बार आरक्षित रही पंचायतों को इस बार आरक्षित न करने की बात दोहराई गई है, जबकि पंचायती राज अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण को सख्ती से लागू किया जाना है। इसके अलावा एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए संवैधानिक कोटा सुनिश्चित करना भी अनिवार्य है। ऐसे में बार-बार बदलते नियमों ने प्रदेश की राजनीति को दो धड़ों में बांट दिया है। विपक्ष इसे सरकार की प्रशासनिक विफलता बता रहा है। वहीं, प्रदेश सरकार का तर्क है कि आरक्षण की प्रक्रिया जटिल है और वे सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए नियमों को पारदर्शी बना रहे हैं।


समीकरणों से परेशान


नियमों के इस यू-टर्न से सबसे ज्यादा परेशान वो उम्मीदवार हैं, जो पिछले कई महीनों से जमीन पर पसीना बहा रहे हैं। रोस्टर बदलते ही कई दिग्गजों की सीटें सुरक्षित से सामान्य या सामान्य से आरक्षित हो गई हैं।

बार-बार बदलते रोस्टर ने चढ़ाया सियासी पारा, चौथी बार हुआ बदलाव, चुनावी दंगल में कूदने वालों की धडक़न बेकाबू बार-बार बदलते रोस्टर ने चढ़ाया सियासी पारा, चौथी बार हुआ बदलाव, चुनावी दंगल में कूदने वालों की धडक़न बेकाबू Reviewed by SBR on April 09, 2026 Rating: 5

नाबालिग ने घर से गहने चोरी कर लिया गोल्ड लोन, फोन के लिए दो लोगों की मदद से फाइनांस कंपनी से उठाया पैसा

April 09, 2026

 


पुलिस थाना नादौन के तहत आने वाले क्षेत्र से गहने चोरी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। नाबालिग ने अपने ही घर से सोने के गहने चोरी किए तथा दो लोगों की मदद से फाइनांस कंपनी में जमा करवाकर गोल्ड लोन प्राप्त किया। यह भी बात सामने आई है कि नाबालिग ने मोबाइल इत्यादि लेने के लिए यह हरकत की है। हालांकि जब मामला पुलिस में दर्ज हुआ तो परतें उधड़ती चली गईं। मामले में नाबालिग लडक़े सहित एक व्यक्ति व महिला भी संलिप्त पाए गए हैं। नादौन थाना में मुकेश कुमार निवासी गांव गगाल डा. भरमोटी नादौन द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई कि उसकी पत्नी के सोने के गहने घर की अलमारी से चोरी हो गए हैं। शिकायत में मांग टीका, दो नथ, दो जोड़ी झुमके तथा दो अंगूठियां चोरी होना बताया गया।


इस संबंध में पुलिस थाना नादौन में मामला दर्ज किया गया। पुलिस जांच के दौरान पाया कि शिकायतकर्ता का बेटा नाबालिग है, जिसने पूछताछ में बताया कि उसने उक्त सोने के गहने व्यक्ति निवासी गांव कुठार भरमोटी नादौन को दे दिए थे। आगे पूछताछ करने पर सामने आया कि व्यक्ति ने अपनी बहन निवासी टिल्लू, डा. बेला नादौन के साथ मिलकर उक्त गहनों को फाइनांस कंपनी नादौन शाखा में गिरवी रखकर गोल्ड लोन प्राप्त किया। पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए गिरवी रखे गए गहनों को बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलवीर ङ्क्षसह ठाकुर ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नाबालिग ने घर से गहने चोरी कर लिया गोल्ड लोन, फोन के लिए दो लोगों की मदद से फाइनांस कंपनी से उठाया पैसा नाबालिग ने घर से गहने चोरी कर लिया गोल्ड लोन, फोन के लिए दो लोगों की मदद से फाइनांस कंपनी से उठाया पैसा Reviewed by SBR on April 09, 2026 Rating: 5

भंगरोटू वृद्ध आश्रम में सेवा कर पेश की मिसाल

April 07, 2026

 


क्षेत्र के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान हिल ऑक मॉडल स्कूल में आयोजित चार दिवसीय स्काउट्स एंड गाइड शिविर रविवार को हर्षोल्लास और सेवा के संकल्प के साथ संपन्न हो गया। समापन समारोह में स्कूल प्रिंसिपल हिमा खोसला ने मुख्यतिथि के रूप में शिरकत की और शिविर के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्काउट्स व गाइड्स को सम्मानित किया। वहीं शिविर की तीसरी शाम शनिवार को भव्य कैंप फायर का आयोजन किया गया,जिसमें स्कूल प्रबंधन समिति के पूर्व चेयरमैन कपिल सिंह सेन ने बतौर मुख्यतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने स्काउट्स और गाइड्स के साथ लंबा समय व्यतीत किया और उन्हें जीवन में अनुशासन व सेवा के महत्व पर विशेष मार्गदर्शिकाएं प्रदान कीं। कैंप फायर की पारंपरिक अग्नि के चारों ओर छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं,जिससे पूरा माहौल उत्साह से भर गया। पूर्व चेयरमैन ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। वहीं शिविर का सबसे सराहनीय पहलू शनिवार को देखने को मिला,जब स्काउट्स और गाइड्स ने भंगरोटू स्थित वृद्ध आश्रम का दौरा किया। यहां नन्हें स्काउट्स ने न केवल बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके अनुभव सुने,बल्कि आश्रम के कमरों और पूरे परिसर की गहन साफ-सफाई सुनिश्चित कर स्वच्छता का संदेश भी दिया।


बच्चों के इस सेवा भाव को देखकर आश्रम के बुजुर्ग भावुक हो उठे और उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। वहीं समापन समारोह में मुख्यतिथि हिमा खोसला ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउटिंग छात्रों में आत्मनिर्भरता और राष्ट्र प्रेम की भावना पैदा करती है। उन्होंने शनिवार को वृद्ध आश्रम में बच्चों द्वारा किए गए सेवा कार्य और डायरेक्टर रोशन लाल कपूर द्वारा दिए गए मार्गदर्शन की विशेष सराहना की। कैंप कमांडर उषा देवी ने बताया कि चार दिवसीय इस कैंप के दौरान स्काउट्स को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया,जिसमेंअनुशासन व नियम, स्काउट प्रॉमिस और लॉ (नियमों) का विधिवत पालन। जीवन कौशल के तहत टेंट लगाना,विभिन्न प्रकार की गांठें बांधना और बिना बर्तनों के भोजन पकाना तथा प्राथमिक चिकित्सा में आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार ( फस्र्ट एड ) देने का प्रशिक्षण व अन्य जीवन में प्रयुक्त होने वली चीजों की जानकारी प्रदान की गई।

भंगरोटू वृद्ध आश्रम में सेवा कर पेश की मिसाल भंगरोटू वृद्ध आश्रम में सेवा कर पेश की मिसाल Reviewed by SBR on April 07, 2026 Rating: 5

दोबारा बनेगी वोटर लिस्ट, पुनर्गठन के विवाद में फंसी पंचायतों को लेकर HC के फैसले के बाद 13 तक मांगी आपत्तियां

April 07, 2026




 पंचायत चुनाव-2026 से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए उन ग्राम पंचायतों में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं, जो सृजन और पुनर्गठन के विवाद में फंसी थीं। यह कदम प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि इन पंचायतों का सृजन या पुनर्गठन आगामी चुनावों में लागू नहीं माना जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब इन पंचायतों में मतदाता सूचियों को नए सिरे से अपडेट किया जाएगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार हो सके। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए पूरा कार्यक्रम भी तय कर दिया है। इसके तहत मतदाता सूची में नाम जोडऩे या हटाने के लिए दावे और आपत्तियां 13 अप्रैल तक दी जा सकेंगी। इनका निपटारा 17 अप्रैल तक किया जाएगा।

इसके बाद 20 तक अपील दाखिल की जा सकेगी और 22 अप्रैल तक अपीलों का निपटारा किया जाएगा। 24 अप्रैल तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि पहली अक्तूबर, 2025 को योग्यता तिथि मानते हुए तैयार मतदाता सूचियों को निरीक्षण के लिए जिला कार्यालय, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद कार्यालयों में उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुनरीक्षण प्राधिकारी उपलब्ध रहें और किसी भी प्रकार की छुट्टी या दौरे पर न जाएं, ताकि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।

दोबारा बनेगी वोटर लिस्ट, पुनर्गठन के विवाद में फंसी पंचायतों को लेकर HC के फैसले के बाद 13 तक मांगी आपत्तियां दोबारा बनेगी वोटर लिस्ट, पुनर्गठन के विवाद में फंसी पंचायतों को लेकर HC के फैसले के बाद 13 तक मांगी आपत्तियां Reviewed by SBR on April 07, 2026 Rating: 5

हिमाचल में स्पेन की बोर्सालिनो खुमानी तैयार, इस महीने के अंत में बाजार में आएगी फल की पहली खेप

April 06, 2026


 हिमाचल प्रदेश में शिमला जिला के कोटगढ़ क्षेत्र में इस वर्ष खुमानी की नई विदेशी किस्म बोर्सालिनो की पहली फसल तैयार होने जा रही है। कोटगढ़ के प्रगतिशील बागबान दीपक सिंघा ने अपने बागीचे में इस किस्म के पौधे लगाए हैं, जिन्हें उन्होंने पीएसबी स्पेन से मंगवाया था। बोसॉलिनो खुमानी अप्रैल माह के अंत तक तुड़ाई के लिए तैयार हो जाएगी और इसकी पहली खेप मई में प्रदेश की मंडियों में पहुंचेगी। बाजार में इस खुमानी की कीमत करीब 250 से 300 रुपए प्रति किलोग्राम मिलने की संभावना जताई जा रही है। बोर्सालिनो स्पेन में विकसित की गई खुमानी की नई किस्म है और इसका ब्रीडिंग प्रोग्राम पीएसबी स्पेन द्वारा किया गया है। यह समुद्र तल से करीब साढ़े पांच हजार की हाइट फुट की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बेहतर उत्पादन देती है।


अप्रैल के अंतिम सप्ताह में इसकी हार्वेस्टिंग हो जाएगी। उस समय बाजार में अन्य स्टोन फ्रूट उपलब्ध नहीं होते, जिससे बागबानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है। इस खुमानी की खास बात यह है कि इसकी इनपुट लागत सेब के मुकाबले पांच प्रतिशत से भी कम लागत बताई जा रही है और इसे लगभग जीरो इनपुट कॉस्ट वाली फसल माना जा रहा है। बागबानी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन किस्मों का उत्पादन सफल रहता है, तो हिमाचल के निचले व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खुमानी की खेती बागबानों के लिए आय का नया विकल्प बन सकती है। इस किस्म का ब्रांडिग प्रोग्राम भी पीएसबी स्पेन द्वारा विकसित किया गया है।

हिमाचल में स्पेन की बोर्सालिनो खुमानी तैयार, इस महीने के अंत में बाजार में आएगी फल की पहली खेप हिमाचल में स्पेन की बोर्सालिनो खुमानी तैयार, इस महीने के अंत में बाजार में आएगी फल की पहली खेप Reviewed by SBR on April 06, 2026 Rating: 5

आचार संहिता 20 अप्रैल तक संभव, हिमाचल में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, एक महीने में पूरी होगी सारी प्रक्रिया

April 06, 2026

 


प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय के चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शहरी निकाय के रोस्टर जारी हो चुके हैं। अब चुनाव आयोग चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में जुटा है और कयास लगाए जा रहे हैं कि 20 अप्रैल तक आचार संहिता लागू हो सकती है। चुनाव तीन चरणों में कराए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि संसाधनों और कर्मचारियों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। जानकारी के अनुसार पंचायत चुनावों की पूरी प्रक्रिया में करीब 30 दिन का समय लगता है, जिसमें नामांकन, जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना जैसी सभी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। यदि चुनाव प्रक्रिया को 31 मई तक पूरा करना है, तो पहले चरण के मतदान से लगभग एक माह पहले आचार संहिता लागू करना जरूरी होगा।


सूत्रों के मुताबिक, चुनाव का पहला चरण 20 या 21 मई के आसपास आयोजित किया जा सकता है। इसके साथ ही जैसे ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होगी, प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके लागू होते ही सरकार और प्रशासन किसी भी नई योजना या विकास कार्यों की घोषणा नहीं कर पाएंगे। प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर जल्द ही साफ होगी और आगामी दिनों में चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रदेश में चुनावों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।


प्रदेश में तीन चरणों में हो सकते हैं चुनाव


प्रदेश में चुनाव तीन चरणों में कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। तीन चरणों में चुनाव कराने के पीछे मुख्य कारण संसाधनों और कर्मचारियों की सीमित उपलब्धता बताई जा रही है। एक साथ चुनाव कराने में भारी संख्या में कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की जरूरत होती है, जबकि चरणबद्ध तरीके से चुनाव कराने पर पहले चरण में लगे संसाधनों को अगले चरणों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

आचार संहिता 20 अप्रैल तक संभव, हिमाचल में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, एक महीने में पूरी होगी सारी प्रक्रिया आचार संहिता 20 अप्रैल तक संभव, हिमाचल में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, एक महीने में पूरी होगी सारी प्रक्रिया Reviewed by SBR on April 06, 2026 Rating: 5

RLA सोलन वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा: पुलिस का बड़ा एक्शन, 2 क्लर्क और 4 एजेंट गिरफ्तार

April 05, 2026

 


Solan News : जिला पुलिस सोलन ने क्षेत्रीय परिवहन एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (RLA) में वाहन पंजीकरण से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर और दस्तावेजी धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संगठित अपराध में सरकारी पोर्टल के साथ छेड़छाड़ कर अवैध रूप से वाहनों के डेटा में बदलाव किया जा रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए दो सरकारी लिपिकों (क्लर्क) और चार बिचौलियों (एजेंटों) को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इस मामले के तार हिमाचल के पांच जिलों सोलन, बिलासपुर, मंडी, ऊना और कांगड़ा से जुड़े हुए हैं।


अधिकारी की शिकायत पर हुई कार्रवाई

इस मामले की शुरुआत 26 जनवरी को हुई, जब आरएंडएलए सोलन की अधिकारी डॉ. पूनम बंसल ने पुलिस अधीक्षक को अपनी शिकायत सौंपी। जांच में पता चला कि 'वाहन पोर्टल' के साथ अवैध रूप से छेड़छाड़ की गई थी। कई वाणिज्यिक वाहनों के लोडेड वेट (भार क्षमता) में बदलाव, स्वामित्व हस्तांतरण और पंजीकरण में सरकारी नियमों को ताक पर रखकर धांधली की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आधिकारिक सरकारी नेटवर्क के बाहर के आईपी एड्रेस का उपयोग कर पोर्टल लॉग-इन किया। पंजीकरण लिपिक जितेंद्र ठाकुर के माध्यम से कई यूजर आईडी और मोबाइल नंबरों का दुरुपयोग किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि 'जितेंद्र' और 'डॉ. पूनम' के नाम से फर्जी यूजर आईडी तैयार की गई थीं, जिनका उपयोग बिना किसी मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) की जांच के वाहनों के सत्यापन और अनुमोदन के लिए किया गया।


झंडूता का क्लर्क निकला मास्टरमाइंड

एसपी सोलन टी. साई दत्तात्रेय वर्मा द्वारा गठित एसआईटी (SIT) ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पाया कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार आरएलए झंडूता में कार्यरत क्लर्क गौरव भारद्वाज है। गौरव ने राजकुमार उर्फ सन्नी, विकास सिंह उर्फ शालू, जितेंद्र और अनिल जैसे एजेंटों का एक सिंडिकेट बना रखा था। ये लोग वाहन मालिकों से मोटी रकम वसूल कर दस्तावेजों में हेरफेर करते थे।


करोड़ों का वित्तीय लेन-देन

वित्तीय जांच के दौरान मुख्य आरोपी गौरव भारद्वाज के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस इसे एक सुनियोजित आर्थिक अपराध और आपराधिक षड्यंत्र मान रही है। पुलिस थाना सदर की टीम ने 3 अप्रैल को त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार विभाग के अन्य किन अधिकारियों या बाहरी राज्यों से जुड़े हैं।

RLA सोलन वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा: पुलिस का बड़ा एक्शन, 2 क्लर्क और 4 एजेंट गिरफ्तार RLA सोलन वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा: पुलिस का बड़ा एक्शन, 2 क्लर्क और 4 एजेंट गिरफ्तार Reviewed by SBR on April 05, 2026 Rating: 5
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