राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है। संसद द्वारा पारित इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों पर सख्त रोक लगाना तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाना है।
संशोधित कानून के तहत दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की कैद, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और गंभीर मामलों में संपत्ति जब्त करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मामलों के त्वरित निपटारे के लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी। साथ ही पुलिस को एफआईआर दर्ज होने के दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी और आरोप पत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे का निपटारा सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का मानना है कि यह संशोधन कानून संगठित पेपर लीक गिरोहों और परीक्षा में धांधली करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ा संदेश देगा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को और मजबूत करेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को दी मंजूरी
Reviewed by sharma
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अगस्त 01, 2026
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